शिकस्त-याब को तमगा इसे मैं क्या समझूँ अजीब-तर है ये कुनबा इसे मैं क्या समझूँ मियाँ दिमाग़ में क्या कुछ है केमिकल लोचा शिकस्त-ए-फ़ाश पे जलसा इसे मैं क्या समझूँ
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है ज़मीं पे बैठ के क्या आसमान देखता है
Shakeel Azmi
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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वादों से मुकर जाना तो फ़ितरत है तुम्हारी कुछ और नया खेल दिखाओ तो बने बात
Nityanand Vajpayee
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तड़प मेरे कलेजे की समझ भी जाओ जान-ए-जाँ ज़ियादा और खुल कर क्या कहूँ बस घर चले आते
Nityanand Vajpayee
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नूर-ए-ख़ुदा है हर इंसाँ में फिर किस को नाशाद करोगे
Nityanand Vajpayee
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मिलन मुमकिन बनाने की जुगत कुछ तो बताएँ आप अकेले किस क़दर भीगूँ मैं सावन भर चले आते
Nityanand Vajpayee
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हर दिन एक फ़साद करोगे क्या दुनिया बर्बाद करोगे
Nityanand Vajpayee
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