तड़पते रहे क़ब्र में लोग सारे जिन्हें बंदगी की ख़ुमारी नहीं थी
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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मिलेंगी राह में दुश्वारियाँ ग़म और क्या क्या ही मुहब्बत आज़मानी है मुहब्बत कर के देखो तुम
Reshma Shaikh
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तसल्ली कभी तो कभी आस देते ग़रीबी जिन्होंने गुज़ारी नहीं थी
Reshma Shaikh
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घरों में सभी के जले थे पटाखे हमारे ही घर में दिवाली नहीं थी
Reshma Shaikh
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अब तो ग़म है दोस्त मेरी ख़ुशियों से जमना मुश्किल है
Reshma Shaikh
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टूट गए सारे के सारे फूल यहाँ इक मेरे बालों का गजरा होने को
Reshma Shaikh
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