तंग आ चुके हैं अपनी ही जब ज़िंदगी से हम शिकवा करें ए जान-ए-जाँ फिर क्या किसी से हम
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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मंज़िलें क्या हैं, रास्ता क्या है हौसला हो तो फ़ासला क्या है
Aalok Shrivastav
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तमाम उम्र हमें साथ साथ चलना है बस इतना कह के सफ़र कर लिया जुदा उस ने
Ajeetendra Aazi Tamaam
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मैं कहता था मगर तू ने न मानी पर अब तेरा भी दिल भर ही गया ना
Ajeetendra Aazi Tamaam
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न जाने किस गली में रूठ जाए ज़िंदगी हम सेे न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए
Ajeetendra Aazi Tamaam
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ये कभी भी दग़ा नहीं करतीं चल किताबों से इश्क़ करते हैं
Ajeetendra Aazi Tamaam
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ये कह कर रूह ने छोड़ा बदन इक किसी का बोझ कोई क्यूँ उठाए
Ajeetendra Aazi Tamaam
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