तेरा चेहरा मेरे ज़ेहन से कुछ यूँँ मिटने लगा है जैसे ये चाँद आसमाँ में धुँधला होने लगा है
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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गले मिलना न मिलना तो तेरी मर्ज़ी है लेकिन तेरे चेहरे से लगता है तेरा दिल कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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चाँदी सोना एक तरफ़ तेरा होना एक तरफ़ एक तरफ़ तेरी आँखें जादू टोना एक तरफ़
Gyan Prakash Akul
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कुछ न रह सका जहाँ विरानियाँ तो रह गईं तुम चले गए तो क्या कहानियाँ तो रह गईं
Khalil Ur Rehman Qamar
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हाल न पूछो मोहन का सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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यूँँ टुकड़ों में दहलीज़ बना लेने से घर की दीवारें रौनक़ खो बैठी है
salman khan "samar"
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ज़िंदगी मुझ को तिरी अब तो ज़रूरत ही नहीं उस की तस्वीर ही जीने के लिए काफ़ी है
salman khan "samar"
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तब्दील हुआ गाँव मिरा शहर में जब से बच्चा भी दरख़्तों से जुदा रहने लगा है
salman khan "samar"
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नवंबर में ही क्यूँँ मेरा मुक़द्दर रूठ जाता है जनम-दिन आते ही मेरी जो खो बैठी सभी ख़ुशियाँ
salman khan "samar"
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तिरे दर से यूँँ उठ कर मैं न जाऊँगा किसी और दर तिरे ही दर पे मरने की क़सम खाई है मैं ने तो
salman khan "samar"
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