तेरा दर्द भी क्या दर्द है न छुपा सका न भुला सका तेरे ग़म में ख़ुद मिट गए तेरा ग़म मगर न मिटा सका
Related Sher
तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
339 likes
हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
298 likes
कुछ न रह सका जहाँ विरानियाँ तो रह गईं तुम चले गए तो क्या कहानियाँ तो रह गईं
Khalil Ur Rehman Qamar
164 likes
मत पूछ कि क्या हाल है मेरा तेरे पीछे तू देख कि क्या रंग है तेरा, मेरे आगे
Mirza Ghalib
180 likes
ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
394 likes
More from Ali Mohammed Shaikh
मेरी नज़रे उठी उठी, तेरी नज़रें झूकी झुकी तोल रहे हैं प्यार को जैसे दो पैमानों में
Ali Mohammed Shaikh
0 likes
इस से पहले के मेरे दिल से उतर जाए तू दूर नज़रों से भला है के गुज़र जाए तू मैं तो दरिया हूँ मेरी तह में तेरा काम है क्या तू हवा है तो तेरी मर्ज़ी जिधर जाए तू
Ali Mohammed Shaikh
0 likes
इक तिरा दिल रखने में कितने ख़सारे हो गए जो भी थे बैअत में मेरे सब किनारे हो गए
Ali Mohammed Shaikh
0 likes
सामने वो नज़र के रहे इस लिए उस की बस्ती में ही काम पर लग गए वो तो आया नहीं हाथ मेरे मगर हाथ इस के बहाने हुनर लग गए
Ali Mohammed Shaikh
0 likes
तेरी नज़र से कोई रोज़ जख्मी होता है ख़याल रखना किसी दिन वो मारा न जाएँ
Ali Mohammed Shaikh
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Ali Mohammed Shaikh.
Similar Moods
More moods that pair well with Ali Mohammed Shaikh's sher.







