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तेरे आने की इक उम्मीद है और इसी उम्मीद पर क़ाएम है दुनिया

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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे

Vikram Gaur Vairagi

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ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है

Tehzeeb Hafi

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तू किसी और ही दुनिया में मिली थी मुझ सेे तू किसी और ही मौसम की महक लाई थी डर रहा था कि कहीं ज़ख़्म न भर जाएँ मेरे और तू मुट्ठियाँ भर-भर के नमक लाई थी

Tehzeeb Hafi

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मैं ने जो कुछ भी सोचा हुआ है, मैं वो वक़्त आने पे कर जाऊँगा तुम मुझे ज़हर लगते हो और मैं किसी दिन तुम्हें पी के मर जाऊँगा

Tehzeeb Hafi

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भरम रखा है तेरे हिज्र का वरना क्या होता है मैं रोने पे आ जाऊँ तो झरना क्या होता है मेरा छोड़ो मैं नइँ थकता मेरा काम यही है लेकिन तुम ने इतने प्यार का करना क्या होता है

Tehzeeb Hafi

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