तेरी हर इक शर्त मुझे मंज़ूर है लेकिन यूँँ मुझ को मेरे यार न तन्हा छोड़ा कर
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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तेरी ख़ुशियों का सबब यार कोई और है ना दोस्ती मुझ सेे है और प्यार कोई और है ना
Ali Zaryoun
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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उलझ कर के तेरी ज़ुल्फ़ों में यूँँ आबाद हो जाऊँ कि जैसे लखनऊ का मैं अमीनाबाद हो जाऊँ मैं यमुना की तरह तन्हा निहारूँ ताज को कब तक कोई गंगा मिले तो मैं इलाहाबाद हो जाऊँ
Ashraf Jahangeer
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ज़माने से ये कहने को कलेजा चाहिए जानाँ तुम्हारे बा'द भी तुम सेे मुहब्बत कर रहा हूँ मैं
Pushpendra Panchal
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ज़ाया' किया है वक़्त जो आवारगी में शायद ही लौटेगा कभी वो ज़िन्दगी में इतना गुज़ारा वक़्त मैं ने रौशनी बिन लगने लगा अच्छा मुझे अब तीरगी में
Pushpendra Panchal
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ये सबक़ देकर गया मुझ को गुज़िश्ता साल भी जाने वालों के लिए रोया नहीं करते मियाँ
Pushpendra Panchal
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सियासत की बग़ावत के लिए हिम्मत कहाँ उन में बड़ी मुश्किल से मिलती है जिन्हें दो जून की रोटी
Pushpendra Panchal
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सितारा हूँ मैं अंबर का किसी दिन टूट भी जाऊँ करूँँ पूरी ये मुमकिन है तेरी मैं आख़िरी ख़्वाहिश
Pushpendra Panchal
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