तेरी नज़रों का झुकना जबके बैचेनी बढ़ाता है तेरी नज़रों का तो उठना हमें निपटा ही डालेगा
Related Sher
तुझ को बतलाता मगर शर्म बहुत आती है तेरी तस्वीर से जो काम लिया जाता है
Tehzeeb Hafi
192 likes
मैं सुन रहा हूँ फ़ोन पे ख़ामोशियाँ तेरी मैं जानता हूँ आज से क्या क्या तमाम है
Aslam Rashid
63 likes
अब तो लगता है कि आ जाएगी बारी मेरी किस ने दे दी तेरी आँखों को सुपारी मेरी
Abrar Kashif
66 likes
जो तेरी बाँहों में हँसती रही है खेली है वो लड़की राज़ नहीं है कोई पहेली है हाँ मेरा हाथ पकड़ कर झटक दिया उस ने सहारा दे के बताया कि तू अकेली है
Tajdeed Qaiser
59 likes
अहमियत अब तेरी कॉलर के बटन जितनी है न हो तो भी कोई दिक़्क़त नहीं हो भी तो भी
Charagh Sharma
63 likes
More from Tarun Bharadwaj
वो तभी पाया गया है पास में जब हमें यूँँ बेख़ुदी होने लगी
Tarun Bharadwaj
0 likes
ज़िंदगी इस तरह कुछ अपनी बसर होती रही चाह फूलों की थी काँटों पर गुज़र होती रही
Tarun Bharadwaj
0 likes
वो अपने वादे का यूँॅं एहतराम करता है बस एक जुमले में क़िस्सा तमाम करता है
Tarun Bharadwaj
0 likes
सुनता नहीं ये दिल मेरी कोई भी बात अब मुझ सेे ख़फ़ा हुए हैं ये दिन-और-रात सब कह दे कि तेरी सोच में मैं इक ख़याल हूँ कह दे तू छोड़ती हूँ मैं भी तेरा साथ अब
Tarun Bharadwaj
0 likes
रातों को जागने लगा हूँ अब मेरे घर माहताब आने लगे
Tarun Bharadwaj
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Tarun Bharadwaj.
Similar Moods
More moods that pair well with Tarun Bharadwaj's sher.







