तेरी शर्तों पे ही करना है अगर तुझ को क़ुबूल ये सुहूलत तो मुझे सारा जहाँ देता है
Related Sher
ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
471 likes
चाँदी सोना एक तरफ़ तेरा होना एक तरफ़ एक तरफ़ तेरी आँखें जादू टोना एक तरफ़
Gyan Prakash Akul
555 likes
तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
401 likes
अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
221 likes
कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है फिर सारे का सारा कैसे हो सकता है तुझ सेे जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होती तेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है
Jawwad Sheikh
163 likes
More from Azhar Faragh
उसे कहो जो बुलाता है गहरे पानी में किनारे से बँधी कश्ती का मसअला समझे
Azhar Faragh
0 likes
मेरे बस में नहीं इलाज उस का ज़ख़्म देखा है मैं ने आज उस का जितना आगे का आदमी है वो रद न कर दे उसे समाज उस का
Azhar Faragh
23 likes
न भी चमके तो कोई बात नहीं तू तो वैसे ही सितारा है मुझे
Azhar Faragh
0 likes
वो जो इक शख़्स मुझे ताना-ए-जाँ देता है मरने लगता हूँ तो मरने भी कहाँ देता है तेरी शर्तों पे ही करना है अगर तुझ को क़ुबूल ये सहूलत तो मुझे सारा जहाँ देता है
Azhar Faragh
36 likes
मुझे लगा था वो टूटे फूलों का ग़म करेगा और उस ने ताज़ा उठा लिए हैं ख़राब रख कर
Azhar Faragh
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Azhar Faragh.
Similar Moods
More moods that pair well with Azhar Faragh's sher.







