था वजूद-ए-उदासी ख़तरे में फिर ज़मीं पर मुझे उतारा गया
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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ज़िंदगी इस तरह गुज़ारी है जैसे सर से बला उतारी है
Viru Panwar Viyogi
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ये उदास शाम और तेरी याद फ़ुर्क़तों के जाम और तेरी याद जान ही कहीं मेरी ले न जाए 'जौन' का कलाम और तेरी याद
Viru Panwar Viyogi
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ये तन्हाई उसी की बद-दुआओं का असर है दुखाया था किसी लड़की का दिल बचपन में मैं ने
Viru Panwar Viyogi
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ज़िंदगी को समझते थे तोहफ़ा ज़िंदगी तो मगर सज़ा निकली मैं ने जब चाहा तब नहीं आई मौत भी यार बे-वफ़ा निकली
Viru Panwar Viyogi
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वैसे भी तुझे भूलना आसान नहीं है और फिर मुझे दिल से भी इजाज़त नहीं मिलती वो दिल जिसे आता है मोहब्बत को निभाना बस उस को ही दुनिया में मोहब्बत नहीं मिलती
Viru Panwar Viyogi
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