तिलिस्म-ए-यार ये पहलू निकाल लेता है कि पत्थरों से भी ख़ुशबू निकाल लेता है है बे-लिहाज़ कुछ ऐसा की आँख लगते ही वो सर के नीचे से बाजू निकाल लेता है
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सब दे रहे हैं दिल मुझे अपना निकाल के दरअस्ल मैं ने शे'र कहे हैं कमाल के अब आप सोच लीजिए मजबूरियाँ मेरी हिज्र-ओ-विसाल तय करूँँ सिक्का उछाल के
Tanoj Dadhich
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कोई तो हल निकालो मस अले का मुझे उन से मुहब्बत हो गई है
Shadab Asghar
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इस तरह रोते हैं हम याद तुझे करते हुए जैसे तू होता तो सीने से लगा लेता हमें
Vikram Gaur Vairagi
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निकाल लाया हूँ एक पिंजरे से इक परिंदा अब इस परिंदे के दिल से पिंजरा निकालना है
Umair Najmi
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मैं चूमता हूँ तो वो हाथ खींच लेता है उसे पता है ये सीढ़ी कहाँ पे जानी है
Nadir Ariz
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इक तेरा हिज्र दाइमी है मुझे वर्ना हर चीज़ आरज़ी है मुझे
Tehzeeb Hafi
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चेहरा देखें तेरे होंट और पलकें देखें दिल पे आँखें रक्खें तेरी साँसें देखें
Tehzeeb Hafi
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ये आईने में जो मुस्का रहा है मेरे होंठों का दुख दोहरा रहा है मेरी मर्ज़ी मैं उस पे जो लुटाऊँ तुम्हारी जेब से क्या जा रहा है
Tehzeeb Hafi
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तुम ने कैसे उस के जिस्म की ख़ुशबू से इनकार किया उस पर पानी फेंक के देखो कच्ची मिट्टी जैसा है
Tehzeeb Hafi
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आज मिलना था बिछड़ जाने की निय्यत से हमें आज भी वो देर से पहुँचा है कितना तेज़ है
Tehzeeb Hafi
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