tujh se kis tarah main izhaar-e-tamanna karta lafz sujha to maani ne baghawat kar di
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गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
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नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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किसी गली में किराए पे घर लिया उस ने फिर उस गली में घरों के किराए बढ़ने लगे
Umair Najmi
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आईने आँख में चुभते थे बिस्तर से बदन कतराता था एक याद बसर करती थी मुझे मैं साँस नहीं ले पाता था
Tehzeeb Hafi
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किस लिए देखती हो आईना तुम तो ख़ुद से भी ख़ूब-सूरत हो
Jaun Elia
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तुझ से किस तरह मैं इज़हार-ए-तमन्ना करता लफ़्ज़ सूझा तो मआ'नी ने बग़ावत कर दी
Ahmad Nadeem Qasmi
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गली के मोड़ पे बच्चों के एक जमघट में किसी ने दर्द-भरे लय में माहिया गाया मुझे किसी से मोहब्बत नहीं मगर ऐ दिल ये क्या हुआ कि तू बे-इख़्तियार भर आया
Ahmad Nadeem Qasmi
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जो दिल दुखा है तो ये अज़्म भी मिला है हमें तमाम उम्र किसी का न दिल दुखाएँगे हम
Ahmad Nadeem Qasmi
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ख़ुदा करे कि तिरी उम्र में गिने जाएँ वो दिन जो हम ने तिरे हिज्र में गुज़ारे थे
Ahmad Nadeem Qasmi
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जिस भी फ़नकार का शहकार हो तुम उस ने सदियों तुम्हें सोचा होगा
Ahmad Nadeem Qasmi
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