tujhe pane ki koshish mein kuchh itna kho chuka hun main ki tu mil bhi agar jae to ab milne ka gham hoga
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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किसी गली में किराए पे घर लिया उस ने फिर उस गली में घरों के किराए बढ़ने लगे
Umair Najmi
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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जैसा दिखाई देने की करते हो कोशिशें मैं ख़ूब जानता हूँ कि ऐसे नहीं हो तुम
Waseem Barelvi
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मोहब्बत के घरों के कच्चे-पन को ये कहाँ समझें इन आँखों को तो बस आता है बरसातें बड़ी करना
Waseem Barelvi
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क्या बताऊँ कैसा ख़ुद को दर-ब-दर मैं ने किया उम्र भर किस किस के हिस्से का सफ़र मैं ने किया तू तो नफ़रत भी न कर पाएगा इस शिद्दत के साथ जिस बला का प्यार तुझ सेे बे-ख़बर मैं ने किया
Waseem Barelvi
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इस दौर-ए-मुंसिफ़ी में ज़रूरी नहीं 'वसीम' जिस शख़्स की ख़ता हो उसी को सज़ा मिले
Waseem Barelvi
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चराग़ घर का हो महफ़िल का हो कि मंदिर का हवा के पास कोई मसलहत नहीं होती
Waseem Barelvi
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