तुम सेे बिछड़े हैं तो कलेंडर ये तब से बस फ़रवरी में अटका है
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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देख कर तेरी नज़ाकत, ज़ेब-ओ-ज़ीनत आइना भी तुझ सेा बनते जा रहा है
Nishad
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भटकते फिर रहा है इक बदन से दूसरे तक ग़म अब इस ग़म को थकन के मारे बस जी भर के रोना है
Nishad
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खा रहा है कब से मुझ को इक सवाल ज़िंदगी ज़िंदा रखेगी कब तलक
Nishad
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भूलने की मेरी बीमारी भी देखो भूल जाता हूँ कि उस को भूलना है
Nishad
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दोस्त भी है, इश्क़ भी है, लेकिन इन में दर्द भी है इस लिए तो ज़िंदगी के फ़लसफ़े में शा'इरी है
Nishad
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