तुम्हारे साथ बारिश की कोई यादें नहीं फिर भी कभी जब होती है बारिश क्यूँ रोना फूट पड़ता है
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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ज़रा ठहरो कि शब फीकी बहुत है तुम्हें घर जाने की जल्दी बहुत है ज़रा नज़दीक आ कर बैठ जाओ तुम्हारे शहर में सर्दी बहुत है
Zubair Ali Tabish
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कीर्ति तेरे तजुर्बों के आगे भी है दुनिया दारी अच्छा कोई मर्द मिले तो हाथ बढ़ाया कर आगे
Shayra kirti
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पहले ले कर नाम तेरा लड़ती थी, अब चुप रहती है जब भी कोई कहता है सब मर्द इक जैसे होते हैं
Shayra kirti
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ये ख़ुशी भी छीन ली इस कमबख़त कोरोना ने देखते ही दौड़कर उन के गले लग जाते थे
Shayra kirti
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वो दिल पे हाथ रखती है तू दिल को थाम लेता है तुझे मालूम है ना इस के आगे जान जानी है
Shayra kirti
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दिल के दौरों से मरते हैं अक्सर, लोग अच्छे दिलों के यहाँ पर कोई मरता नहीं दिल दुखाकर, बेवफ़ाओं की लंबी हैं उमरें
Shayra kirti
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