sherKuch Alfaaz

तुम्हें इश्क़ है ही नहीं हम से वरना किसी दिन तुम्हें आगरा भी घुमाते

Related Sher

तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो

Tehzeeb Hafi

1279 likes

बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं

Umair Najmi

1244 likes

शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं

Jaun Elia

839 likes

किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा

Ahmad Faraz

594 likes

बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा

Tehzeeb Hafi

751 likes

More from Divyansh "Dard" Akbarabadi

मिलने के बा'द हर कोई मसरूफ़ हो गया जब तक नहीं मिले थे सभी बे क़रार थे कोई सुख़नवरी थी न कोई हुनर था पास लेकिन हमारे हक़ में तमाम इश्तिहार थे

Divyansh "Dard" Akbarabadi

1 likes

हमारा प्यार यूँँ ही पाएमाल होता रहा हर इक सवाल के बदले सवाल होता रहा जहाँँ में जो भी है उस का लिखा हुआ है अगर तो क्या हमारा फ़क़त इस्तिमाल होता रहा

Divyansh "Dard" Akbarabadi

0 likes

बाहम किए इन्हें जो यही ढाल बन गए आई समझ में टुकड़ों की क़ुव्वत शिकस्ता दिल ये और बात उस ने किया क़त्ल अहद का ये और बात ज़िंदा थी निस्बत शिकस्ता दिल

Divyansh "Dard" Akbarabadi

1 likes

क्यूँ मिरे फूल से चेहरे यूँँ है मुरझाया सा तुझ सा तो बाग़-ए-जहाँ में कोई दूजा भी नहीं

Divyansh "Dard" Akbarabadi

1 likes

तब मिरा प्यार उन्हें रास नहीं आया था अब झुलसते हैं मिरे यार की तस्वीरों से

Divyansh "Dard" Akbarabadi

0 likes

Similar Writers

View All ›

Our suggestions based on Divyansh "Dard" Akbarabadi.

Similar Moods

View All ›

More moods that pair well with Divyansh "Dard" Akbarabadi's sher.