वीडियो गेम के शौक़ीन हुए जब से हम अब मज़ा आता नहीं बच्चों की शैतानी में
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अब इन जले हुए जिस्मों पे ख़ुद ही साया करो तुम्हें कहा था बता कर क़रीब आया करो मैं उस के बा'द महिनों उदास रहता हूँ मज़ाक में भी मुझे हाथ मत लगाया करो
Tehzeeb Hafi
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वो पास क्या ज़रा सा मुस्कुरा के बैठ गया मैं इस मज़ाक़ को दिल से लगा के बैठ गया दरख़्त काट के जब थक गया लकड़हारा तो इक दरख़्त के साए में जा के बैठ गया
Zubair Ali Tabish
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मज़ा तो तब है कि तुम हार के भी हँसते रहो हमेशा जीत ही जाना कमाल थोड़ी है
Parveen Shakir
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इक रोज़ खेल खेल में हम उस के हो गए और फिर तमाम उम्र किसी के नहीं हुए
Vipul Kumar
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अपने सामान को बाँधे हुए इस सोच में हूँ जो कहीं के नहीं रहते वो कहाँ जाते हैं
Jawwad Sheikh
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ये क़ल्ब कहाँ रह पाता है तब काबू में जब बैठा करती है वो मेरे बाज़ू में
Sandeep dabral 'sendy'
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तुम ने आँखें देखी इन में दूर नहीं देखा सब कुछ देखा लेकिन अपना नूर नहीं देखा तुम कहती हो तुम ने बात सुनी है सबकी पर ख़ुद को मेरे यारों में मशहूर नहीं देखा
Sandeep dabral 'sendy'
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सुकून-ए-दिल नहीं मिलता विसाल-ए-यार में हर बार मियाँ इक रोज़ वो हम सेे मिली थी फिर न मिलने हेतु
Sandeep dabral 'sendy'
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सुना है जो उसे देखे उसी के सिम्त हो जाए मियाँ कर के ये गुस्ताख़ी उसे अब हम भी देखेंगे
Sandeep dabral 'sendy'
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सुना रक़ीब तवज्जोह न अब उन्हें देते इसी लिए वो हमारे क़रीब आए हैं
Sandeep dabral 'sendy'
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