वो अपने चेहरे में सौ आफ़ताब रखते हैं इसीलिए तो वो रुख़ पे नक़ाब रखते हैं
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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गले मिलना न मिलना तो तेरी मर्ज़ी है लेकिन तेरे चेहरे से लगता है तेरा दिल कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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तुम जो हँसती हो तो मस्ताना कँवल लगती हो 'मीर' का शे'र हो 'ग़ालिब' की ग़ज़ल लगती हो संग-ए-मरमर से तराशा हुआ शफ़्फ़ाफ़ बदन साँस लेता हुआ इक ताजमहल लगती हो
Hasrat Jaipuri
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ये किस ने कहा है मिरी तक़दीर बना दे आ अपने ही हाथों से मिटाने के लिए आ
Hasrat Jaipuri
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किस वास्ते लिक्खा है हथेली पे मिरा नाम मैं हर्फ़-ए-ग़लत हूँ तो मिटा क्यूँँ नहीं देते
Hasrat Jaipuri
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कहीं वो आ के मिटा दें न इंतिज़ार का लुत्फ़ कहीं क़ुबूल न हो जाए इल्तिजा मेरी
Hasrat Jaipuri
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दीवार है दुनिया इसे राहों से हटा दे हर रस्म-ए-मोहब्बत को मिटाने के लिए आ
Hasrat Jaipuri
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