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वो जब भी मिलने आती है, तो सामां छोड़ जाती है मेरी गर्दन पे, अपने लब, मिरी जाँ छोड़ जाती है

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मेरे नाम से क्या मतलब है तुम्हें मिट जाएगा या रह जाता है जब तुम ने ही साथ नहीं रहना फिर पीछे क्या रह जाता है मेरे पास आने तक और किसी की याद उसे खा जाती है वो मुझ तक कम ही पहुँचता है किसी और जगह रह जाता है

Tehzeeb Hafi

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ज़ेहन से यादों के लश्कर जा चुके वो मेरी महफ़िल से उठ कर जा चुके मेरा दिल भी जैसे पाकिस्तान है सब हुकूमत कर के बाहर जा चुके

Tehzeeb Hafi

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तुम मेरी तरफ़ देखना छोड़ो तो बताऊँ हर शख़्स तुम्हारी ही तरफ़ देख रहा है

Waseem Barelvi

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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ

Ali Zaryoun

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मेरा अरमान मेरी ख़्वाहिश नहीं है ये दुनिया मेरी फ़रमाइश नहीं है मैं तेरे ख़्वाब वापस कर रहा हूँ मेरी आँखों में गुंजाइश नहीं है

Abrar Kashif

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तस्वीर ऐसी आई है कुछ अस्ल में तेरी उलझन भी है राहत भी है कुछ वस्ल में तेरी तू गर डरेगा आज तो तेरा भला होगा पर जान ले जो डर उठेगा नस्ल में तेरी

anupam shah

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लो ख़ुद मुख़्तार होकर देखते हैं कि अपने यार होकर देखते हैं बचे बर्बाद होने से हैं अब तक चलो इस बार होकर देखते हैं यहाँ से मसअला ये हल न होगा इसे उस पार होकर देखते हैं कोई ख़तरा नहीं है दुश्मनी में किसी का प्यार होकर देखते हैं

anupam shah

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हँसना-वसना धीरे धीरे कम होगा धीरे धीरे दिख जाएँगे सब चेहरे

anupam shah

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हम ज़रा बेख़याल होते हैं हम सेे जब भी सवाल होते हैं झूठ कहते हुए नहीं डरते लोग कितने कमाल होते हैं

anupam shah

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जाने का जो ग़म होता है तेज कभी मद्धम होता है तुम सेे बिछड़ कर जाना हम ने आँख का आँसू नम होता है

anupam shah

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