wo raat ka be-nawa musafir wo tera shair wo tera 'nasir' teri gali tak to hum ne dekha tha phir na jaane kidhar gaya wo
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गले मिलना न मिलना तो तेरी मर्ज़ी है लेकिन तेरे चेहरे से लगता है तेरा दिल कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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तुम्हारे बिन गुज़ारी रात के बस दो ही क़िस्से हैं कभी हिचकी नहीं रुकती कभी सिसकी नहीं रुकती
Ankita Singh
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सारी रात लगाकर उसपर नज़्म लिखी और उस ने बस अच्छा लिखकर भेजा है
Zahid Bashir
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रख के हर चीज़ भूलने वाली ला तेरा दिल सँभाल कर रख दूँ
Kumar Vishwas
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जानता हूँ कि तुझे साथ तो रखते हैं कई पूछना था कि तेरा ध्यान भी रखता है कोई?
Umair Najmi
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बस यूँँ ही दिल को तवक़्क़ो' सी है तुझ से वर्ना जानता हूँ कि मुक़द्दर है मेरा तन्हाई
Nasir Kazmi
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जुदाइयों के ज़ख़्म दर्द-ए-ज़िन्दगी ने भर दिए तुझे भी नींद आ गई मुझे भी सब्र आ गया
Nasir Kazmi
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दिन भर तो मैं दुनिया के धंदों में खोया रहा जब दीवारों से धूप ढली तुम याद आए
Nasir Kazmi
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कौन अच्छा है इस ज़माने में क्यूँँ किसी को बुरा कहे कोई
Nasir Kazmi
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कहाँ है तू कि तिरे इंतिज़ार में ऐ दोस्त तमाम रात सुलगते हैं दिल के वीराने
Nasir Kazmi
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