sherKuch Alfaaz

वो उस के गाल पे दरबान-ए-हुस्न बैठा है कोई उसे सुनो तिल का निशान मत कहना

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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं

Umair Najmi

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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा

Ahmad Faraz

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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है

Tehzeeb Hafi

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अगर है इश्क़ सच्चा तो निगाहों से बयाँ होगा ज़बाँ से बोलना भी क्या कोई इज़हार होता है

Bhaskar Shukla

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जो दुनिया को सुनाई दे उसे कहते हैं ख़ामोशी जो आँखों में दिखाई दे उसे तूफ़ान कहते हैं

Rahat Indori

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ज़ुल्म मज़लूमों पे ढाना छोड़ दो हक़ यतीमों का दबाना छोड़ दो ये नहीं कर सकते तो बेहतर है ये सर को सज्दे में झुकाना छोड़ दो

Shajar Abbas

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ज़ुल्म की मिल के क़मर ऐसे करेंगे ख़म सब दूर हो जाएँगे ये अपने वतन से ग़म सब ख़्वाब अज्दाद ने जो देखा है इक दिन उस की देखना ख़ून से ता'बीर लिखेंगे हम सब

Shajar Abbas

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ये फ़ुर्क़त रंज ग़म रुसवाई हिजरत हिज्र तन्हाई हैं हम पर ये सभी दौलत मगर ये जी नहीं लगता

Shajar Abbas

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ये अब से पहले हमेशा तमाशबीन लगी हयात मौत की आग़ोश में हसीन लगी

Shajar Abbas

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याद है माज़ी का हर लम्हा मुझे अच्छे से मैं ने जब पहली दफ़ा माँ की दुआएँ ली थीं उस ने होंठों से मिरा चूमा था माथा बढ़कर उस ने हाथों से शजर मेरी बलाएँ ली थीं

Shajar Abbas

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