वो जब आता था सारा घर ही भर जाता था ख़ुशियों से अकेला शख़्स ही सारे ग़मों को सोख लेता था
Related Sher
अब लगता है ठीक कहा था 'ग़ालिब' ने बढ़ते बढ़ते दर्द दवा हो जाता है
Madan Mohan Danish
131 likes
तरीक़े और भी हैं इस तरह परखा नहीं जाता चराग़ों को हवा के सामने रक्खा नहीं जाता मोहब्बत फ़ैसला करती है पहले चंद लम्हों में जहाँ पर इश्क़ होता है वहाँ सोचा नहीं जाता
Abrar Kashif
130 likes
हुई मुद्दत कि 'ग़ालिब' मर गया पर याद आता है वो हर इक बात पर कहना कि यूँँ होता तो क्या होता
Mirza Ghalib
149 likes
ख़ुशी से काँप रही थीं ये उँगलियाँ इतनी डिलीट हो गया इक शख़्स सेव करने में
Fahmi Badayuni
122 likes
तू जो हर रोज़ नए हुस्न पे मर जाता है तू बताएगा मुझे इश्क़ है क्या जाने दे
Ali Zaryoun
119 likes
More from Umesh Maurya
जिस्म तो बेचे ख़रीदे जा रहे हैं आवरण रिश्तों रिवाज़ों के चढ़ाकर
Umesh Maurya
0 likes
उस का कोई ख़याल जो बेहतर हो बेहतरीन मैं ने खुली किताब को दिल से लगा लिया
Umesh Maurya
0 likes
ज़ख़्म कोई और गर सहला गया तो क्या दूसरा भी बीच में गर आ गया तो क्या
Umesh Maurya
0 likes
सही ही किया दूरियों को बढ़ा कर ग़लतफ़हमियाँ ख़ूब पाली थी हम ने
Umesh Maurya
0 likes
सभी का इश्क़ सच्चा तो नहीं है बहुत से लोग अभिनय कर रहे हैं
Umesh Maurya
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Umesh Maurya.
Similar Moods
More moods that pair well with Umesh Maurya's sher.







