वो शे'र जिस को सुन के लोग ग़म-ज़दा हुए वो शे'र तो लिखा था कोई चौथी क्लास में
Related Sher
कोई शहर था जिस की एक गली मेरी हर आहट पहचानती थी मेरे नाम का इक दरवाज़ा था इक खिड़की मुझ को जानती थी
Ali Zaryoun
321 likes
अब इन जले हुए जिस्मों पे ख़ुद ही साया करो तुम्हें कहा था बता कर क़रीब आया करो मैं उस के बा'द महिनों उदास रहता हूँ मज़ाक में भी मुझे हाथ मत लगाया करो
Tehzeeb Hafi
295 likes
कुछ न कुछ बोलते रहो हम सेे चुप रहोगे तो लोग सुन लेंगे
Fahmi Badayuni
112 likes
मैं क्या बताऊँ वो कितना क़रीब है मेरे मेरा ख़याल भी उस को सुनाई देता है वो जिस ने आँख अता की है देखने के लिए उसी को छोड़ के सब कुछ दिखाई देता है
Zubair Ali Tabish
84 likes
ख़ुश्बू की बरसात नहीं कर पाते हैं हम ख़ुद ही शुरुआत नहीं कर पाते हैं जिस लड़की की बातें करते हैं सब सेे उस लड़की से बात नहीं कर पाते हैं
Gyan Prakash Akul
83 likes
More from Amaan Pathan
ज़िंदगी मेरी दे दो किसी और को अब न ताक़त है और हौसला भी नहीं
Amaan Pathan
0 likes
कुछ किताबें हैं बस ताक़ पर और हर तरफ़ बिखरे यादों के साए
Amaan Pathan
0 likes
उस ने रक्खा था हाथ साहिल पर तब से दरिया में भी शरारे हैं
Amaan Pathan
4 likes
तुम्हें उस्ताद से मिलेगा जो न मिलेगा ग़ज़ल की बाबत में
Amaan Pathan
0 likes
आशिक़ी सिर्फ़ रुसवाई देती है और आशिक़ों का कोई मक़बरा भी नहीं
Amaan Pathan
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Amaan Pathan.
Similar Moods
More moods that pair well with Amaan Pathan's sher.







