यही बात मुझ को रुलाती रही है मुझे वो मुसलसल बुलाती रही है
Related Sher
शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
839 likes
उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
361 likes
बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
751 likes
कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
354 likes
मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
566 likes
More from Afzal Sultanpuri
ख़ुद के जो काम आ नहीं सकते मेरे क्या ख़ाक काम आएँगे
Afzal Sultanpuri
0 likes
जहाँ पर छोड़कर सब जा चुके थे वहाँ तेरा सहारा चाहिए था
Afzal Sultanpuri
1 likes
अफ़ज़ल ये मसअला है सितम्बर के बा'द का फिर उस के बा'द शख़्स वो मेरा नहीं रहा
Afzal Sultanpuri
1 likes
तवाज़ुन खो चुके ईमान वाले मुनाफ़िक़ हो गया है गाँव सारा
Afzal Sultanpuri
2 likes
अफ़ज़ल गुनाह करते हुए डर नहीं गए बेशर्म हो गए हो मगर मर नहीं गए कल शाम ये ख़बर मिली हम फ़ौत हो गए मय्यत उठाने अपनी भी हम घर नहीं गए
Afzal Sultanpuri
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Afzal Sultanpuri.
Similar Moods
More moods that pair well with Afzal Sultanpuri's sher.







