अफ़ज़ल ये मसअला है सितम्बर के बा'द का फिर उस के बा'द शख़्स वो मेरा नहीं रहा
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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नाम पे हम क़ुर्बान थे उस के लेकिन फिर ये तौर हुआ उस को देख के रुक जाना भी सब से बड़ी क़ुर्बानी थी मुझ से बिछड़ कर भी वो लड़की कितनी ख़ुश ख़ुश रहती है उस लड़की ने मुझ से बिछड़ कर मर जाने की ठानी थी
Jaun Elia
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मसअला ये नहीं कि इश्क़ हुआ है हम को मसअला ये है कि इज़हार किया जाना है
Rajesh Reddy
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सैर कर दुनिया की ग़ाफ़िल ज़िंदगानी फिर कहाँ ज़िंदगी गर कुछ रही तो ये जवानी फिर कहाँ
Khwaja Meer Dard
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नींद की अब गोलियाँ खाने लगे छोड़कर दुनिया को हम जाने लगे
Afzal Sultanpuri
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थे यहाँ जितने सियाने आ गए देख तेरे सब दीवाने आ गए
Afzal Sultanpuri
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यही बात मुझ को रुलाती रही है मुझे वो मुसलसल बुलाती रही है
Afzal Sultanpuri
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अपनी आँखों का नूर खो बैठे जो मिली थी वो हूर खो बैठे
Afzal Sultanpuri
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अपनी मय्यत उठा नहीं सकता चार कंधों की अब ज़रूरत है
Afzal Sultanpuri
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