zaban qasid ki 'muztar' kat li jab un ko khat bheja ki aakhir aadmi hai tazkira shayad kahin kar de
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मेरे नाम से क्या मतलब है तुम्हें मिट जाएगा या रह जाता है जब तुम ने ही साथ नहीं रहना फिर पीछे क्या रह जाता है मेरे पास आने तक और किसी की याद उसे खा जाती है वो मुझ तक कम ही पहुँचता है किसी और जगह रह जाता है
Tehzeeb Hafi
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आँखों को मूँद लेने से ख़तरा न जाएगा वो देखना पड़ेगा जो देखा न जाएगा
Waseem Barelvi
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प्यार का पहला ख़त लिखने में वक़्त तो लगता है नए परिंदों को उड़ने में वक़्त तो लगता है
Hastimal Hasti
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तेरी गली को छोड़ के पागल नहीं गया रस्सी तो जल गई है मगर बल नहीं गया मजनूँ की तरह छोड़ा नहीं मैं ने शहर को या'नी मैं हिज्र काटने जंगल नहीं गया
Ismail Raaz
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हुस्न बला का क़ातिल हो पर आख़िर को बेचारा है इश्क़ तो वो क़ातिल जिस ने अपनों को भी मारा है ये धोखे देता आया है दिल को भी दुनिया को भी इस के छल ने खार किया है सहरा में लैला को भी
Jaun Elia
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बोसे अपने आरिज़-ए-गुलफ़ाम के ला मुझे दे दे तिरे किस काम के
Muztar Khairabadi
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वफ़ा क्या कर नहीं सकते हैं वो लेकिन नहीं करते कहा क्या कर नहीं सकते हैं वो लेकिन नहीं करते
Muztar Khairabadi
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वो करेंगे वस्ल का वा'दा वफ़ा रंग गहरे हैं हमारी शाम के
Muztar Khairabadi
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लड़ाई है तो अच्छा रात-भर यूँँ ही बसर कर लो हम अपना मुँह इधर कर लें तुम अपना मुँह उधर कर लो
Muztar Khairabadi
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वो गले से लिपट के सोते हैं आज-कल गर्मियाँ हैं जाड़ों में
Muztar Khairabadi
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