zamin par ghar banaya hai magar jannat mein rahte hain hamari khush-nasibi hai ki hum bhaarat mein rahte hain
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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क़सम ख़ुदा की बड़े तजरबे से कहता हूँ गुनाह करने में लज़्ज़त तो है सुकून नहीं
Mehshar Afridi
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ऐसे हालात से मजबूर बशर देखे हैं अस्ल क्या सूद में बिकते हुए घर देखे हैं हम ने देखा है वज़ादार घरानों का जवाल हम ने सड़कों पे कई शाह ज़फ़र देखे है
Mehshar Afridi
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नेवला और साँप दोनों लड़ते लड़ते थक गए इक तमाशा कर के सब पैसे मदारी ले गया
Mehshar Afridi
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उसी को हम सफ़र करना पड़ेगा नहीं तो दूर तक ख़ाली सड़क है
Mehshar Afridi
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जगह की क़ैद नहीं थी कोई कहीं बैठे जहाँ मक़ाम हमारा था हम वहीं बैठे अमीर-ए-शहर के आने पे उठना पड़ता है लिहाज़ा अगली सफ़ों में कभी नहीं बैठे
Mehshar Afridi
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