ज़रा सी देर उठने में हुई क्या लगे सब पाँव दक्षिण ओर करने
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ज़िन्दाबाद करो उस आशिक़ का जो ज़ंजीरों में भी हँस कर बोल रहा पायल की छम छम ज़िन्दाबाद रहे
Atul K Rai
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उम्मीदों का मरना या'नी मर जाने की तैयारी है!
Atul K Rai
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जीत कर लंका हुए वापस अयोध्या राम और एक अरसे से बुझे दीपक सभी जलने लगे
Atul K Rai
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जड़ें कैसे जमानी है नए को सीखने ख़ातिर बग़ीचे में पुराने पेड़ का होना ज़रूरी है
Atul K Rai
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बदन नुचवा रहा है चींटियों से देख लो कैसे तुम्हें गाहे-बगाहे जो चिकोटी काट लेता था
Atul K Rai
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