बदन नुचवा रहा है चींटियों से देख लो कैसे तुम्हें गाहे-बगाहे जो चिकोटी काट लेता था
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परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है ज़मीं पे बैठ के क्या आसमान देखता है
Shakeel Azmi
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नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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ले दे के अपने पास फ़क़त इक नज़र तो है क्यूँँ देखें ज़िंदगी को किसी की नज़र से हम
Sahir Ludhianvi
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कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है फिर सारे का सारा कैसे हो सकता है तुझ सेे जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होती तेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है
Jawwad Sheikh
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मत पूछ कि क्या हाल है मेरा तेरे पीछे तू देख कि क्या रंग है तेरा, मेरे आगे
Mirza Ghalib
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उस पे हम चीख़ ही नहीं सकते उस की चुप्पी कमाल करती है!
Atul K Rai
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सब विदाई के वक़्त रोते हैं सोच उस वक़्त हँस रहा था मैं
Atul K Rai
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उम्मीदों का मरना या'नी मर जाने की तैयारी है!
Atul K Rai
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ज़िन्दाबाद करो उस आशिक़ का जो ज़ंजीरों में भी हँस कर बोल रहा पायल की छम छम ज़िन्दाबाद रहे
Atul K Rai
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कोई तो है चिढ़ाता है जो मुझ को मैं आईने में जब भी देखता हूँ
Atul K Rai
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