ज़बाँ में चाशनी रखने लगे हम यही दस्तूर है दुनिया का साहब
Related Sher
हज़ारों साल नर्गिस अपनी बे-नूरी पे रोती है बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदा-वर पैदा
Allama Iqbal
207 likes
अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
221 likes
नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
201 likes
क्यूँ डरें ज़िन्दगी में क्या होगा कुछ न होगा तो तजरबा होगा
Javed Akhtar
156 likes
सभी का ख़ून है शामिल यहाँ की मिट्टी में किसी के बाप का हिन्दुस्तान थोड़ी है
Rahat Indori
144 likes
More from Kush Pandey ' Saarang '
शराफ़त ठीक पर इतनी न होनी चाहिए समय के साथ ख़ुद को भी बदलते जाइए यही हुश्यार होने का तरीका है यहाँ हमारी मानिए तो ख़ूब धोखे खाइए
Kush Pandey ' Saarang '
0 likes
सफल केवल समझता हूँ उसी को खिला दे रोटियाँ जो हर किसी को समझ में ये नहीं आता मुझे बस ख़ुदा ने क्यूँँ बनाया बेबसी को
Kush Pandey ' Saarang '
0 likes
तितली को तो भौंरा ही ले जाएगा फूल बिचारा रोएगा तन्हाई में
Kush Pandey ' Saarang '
1 likes
तिरी आँखों में जो डूबे हुए हैं उन्हें दुनिया बुरी लगती है लड़की
Kush Pandey ' Saarang '
1 likes
थोड़ी ख़ुशियाँ थोड़ी सी मायूसी है शायद मेरा होना ही मनहूसी है छुप कर मुझ को पढ़ने वालों ध्यान रहे यूँँ छुप कर पढ़ना भी इक जासूसी है
Kush Pandey ' Saarang '
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Kush Pandey ' Saarang '.
Similar Moods
More moods that pair well with Kush Pandey ' Saarang ''s sher.







