sherKuch Alfaaz
दोनों का मिलना मुश्किल है दोनों हैं मजबूर बहुत उस के पाँव में मेहंदी लगी है मेरे पाँव में छाले हैं
Writer
@ameeq-hanafi
0
Sher
2
Ghazal
0
Nazm
दोनों का मिलना मुश्किल है दोनों हैं मजबूर बहुत उस के पाँव में मेहंदी लगी है मेरे पाँव में छाले हैं
सिगरेट जिसे सुलगता हुआ कोई छोड़ दे उस का धुआँ हूँ और परेशाँ धुआँ हूँ मैं
फूल खिले हैं लिखा हुआ है तोड़ो मत और मचल कर जी कहता है छोड़ो मत
You have reached the end.
Our suggestions based on Ameeq Hanafi.