ये जो हम तेरी राह देखते हैं ख़ुद के मिटने की चाह देखते हैं
Writer
Ananya Rai Parashar
@ananyaraiparashar
2
0
Sher
0
Ghazal
2
Nazm
2 views
sherKuch Alfaaz
sherKuch Alfaaz
सजाए रखना है इस को तो आख़िरी दम तक मैं अपने बाग़ के फूलों में देखती हूँ तुम्हें
sherKuch Alfaaz
रोज़ वही इक मायूसी मारे जाती है रोज़ वही इक ज़िंदा रहने के ता'ने हैं
sherKuch Alfaaz
मेरी निगाह में अक्सर जो तुम सेे बनता है बहुत हसीं है वो मंज़र जो तुम सेे बनता है
sherKuch Alfaaz
किसी की कट रही है बस ग़मों में किसी की ज़िंदगी कितनी हसीं है
sherKuch Alfaaz
ख़ुद को इतना न परेशाँ रखिए मुस्कुराने पे भी रोना आए
sherKuch Alfaaz
तुम मुझे इतना आम मत समझो हर किसी के लिए नहीं हूँ मैं
sherKuch Alfaaz
सोचती हूँ कि गुम हो जाऊँ कहीं और फिर तुम मुझे तलाश करो
sherKuch Alfaaz
ऐ मेरे हम सफ़र तू भूल गया साथ चलने का वो जो वा'दा था
sherKuch Alfaaz
यूँँ किसी की अता नहीं है ये अपनी हस्ती बनाई है मैं ने
Similar Writers
Our suggestions based on Ananya Rai Parashar.







