ज़िन्दा मैं तेरे बिना रह सकता हूँ बस तू अगर ख़ुश रहने का वा'दा करे तो
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Mahesh Natakwala
@artist.mahesh
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Sher
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Ghazal
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sherKuch Alfaaz
sherKuch Alfaaz
वफ़ा का डर ज़रूरी है मुहब्बत न हो मरना तो जीने का मज़ा क्या
sherKuch Alfaaz
उसे मालूम था वो अब हमारा हो नहीं सकता बिना उस के हमारा तो गुज़ारा हो नहीं सकता
sherKuch Alfaaz
रक़्स करती है उदासी कमरे में अब तेरी यादों के भी अपने फ़ायदे हैं
sherKuch Alfaaz
रहा यारों की महफ़िल में तो दिल बहला रहा मेरा हुआ ख़ाली मकाँ मेरा तो सब ग़म याद आए है
sherKuch Alfaaz
नाख़ुदा मेरा नहीं है कोई भी इस दरिया में सब मेरे अपने ही मुझ को छोड़ कर जाते रहे
sherKuch Alfaaz
मुझे तुम चाहते हो तो बताते क्यूँ नहीं मुहब्बत हैं तुम्हें भी तो जताते क्यूँ नहीं
sherKuch Alfaaz
मैं परेशाँ हूँ मुझे और तो परेशाँ न कर तू मिरी जाँ है तू तो ऐसा मेरी जाँ न कर
sherKuch Alfaaz
ये न पूछो मुझ सेे यारों कि मैं कैसे हाल में हूँ गया उस को मिल न पाया इसी इक मलाल में हूँ
sherKuch Alfaaz
उसे याद कर के जिए जा रहें हैं ख़ला हैं जिसे हम पिए जा रहें हैं
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