sherKuch Alfaaz
मोहब्बत में कठिन रस्ते बहुत आसान लगते थे पहाड़ों पर सुहूलत से चढ़ा करते थे हम दोनों

Writer
@hasan-abbasi
0
Sher
1
Ghazal
0
Nazm
मोहब्बत में कठिन रस्ते बहुत आसान लगते थे पहाड़ों पर सुहूलत से चढ़ा करते थे हम दोनों
हसीन यादों के चाँद को अलविदा'अ कह कर मैं अपने घर के अँधेरे कमरों में लौट आया
हमेशा ठंडी हो जाती थी चाय बातों बातों में वो बातें जो इन आँखों से किया करते थे हम दोनों
You have reached the end.
Our suggestions based on Hasan Abbasi.