sherKuch Alfaaz
तेरी ता'रीफ़ करने लग गया हूँ मोहब्बत ने दियानत छीन ली है
Writer
@idris-azad
1
Sher
0
Ghazal
0
Nazm
तेरी ता'रीफ़ करने लग गया हूँ मोहब्बत ने दियानत छीन ली है
मैं ख़ुद उदास खड़ा था कटे दरख़्त के पास परिंदा उड़ के मेरे हाथ पर उतर आया
जब छोड़ गया था तो कहाँ छोड़ गया था लौटा है तो लगता है कि अब छोड़ गया है
इतने ज़ालिम न बनो कुछ तो मुरव्वत सीखो तुम पे मरते हैं तो क्या मार ही डालोगे हमें
ईद का चाँद तुम ने देख लिया चाँद की ईद हो गई होगी
You have reached the end.
Our suggestions based on Idris Azad.