दिलों के ज़ख़्मों को यूँँ हीं मिटाया नहीं जा सकता कि तेरा हो गया मैं अब मिटाया नहीं जा सकता
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Kumar Rishi
@kumar-rishi
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sherKuch Alfaaz
sherKuch Alfaaz
बोलो क्या लिखूँ मैं ऐसा कि कमाल हो जाए सो चुके जवाबों से कोई सवाल हो जाए
sherKuch Alfaaz
ज़िन्दगी में हर किसी को हर ख़ुशी नहीं मिलती मौत माँगने पर भी इस जहाँ में मौत नहीं मिलती
sherKuch Alfaaz
वो मेरी बाँहों में आ ना सका मैं उन की बाँहों में जा ना सका
sherKuch Alfaaz
उस की यादों में मैं पागल हुए जा रहा हूँ ना जाने कैसे ये ज़िन्दगी जिए जा रहा हूँ
sherKuch Alfaaz
ख़ूब-सूरत चेहरे यूँँ हीं हिजाब में नहीं होते बेवजह काँटे यूँँ हीं गुलाब में नहीं होते
sherKuch Alfaaz
बड़ा बे-दर्द होता है आसमान ज़मीं से छीन लेता है इंसान
sherKuch Alfaaz
ये उदासी कब मिटेगी ये अँधेरा कब छटेगा
sherKuch Alfaaz
तू यहाँ से गुज़रेगी कभी कब से मेरी आँखें हैं बिछी
sherKuch Alfaaz
कभी वो पास तो कभी इतनी दूर लगती है कभी इस जहाँ की तो कभी अंबर की हूर लगती है
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