साथ चलना पीछे से कीचड़ उड़ाना ये हुनर सीखा है क्या चप्पल से जानाँ
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Abuzar kamaal
@poetry_cook
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Ghazal
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Nazm
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sherKuch Alfaaz
sherKuch Alfaaz
जिस सेे ये तू ने लगाई फाँसी वो रस्सी किसी के झूले की थी
sherKuch Alfaaz
दुनिया की ऐश गाह से अनजान कर गया हिन्दू नमाज़ी मुझ को मुसलमान कर गया
sherKuch Alfaaz
मुलाक़ात है तो मुलाक़ात है मोहब्बत न समझो मुलाक़ात को
sherKuch Alfaaz
मोहब्बत नशा है, नशा है मोहब्बत जिसे पहले होश आया वो बे-वफ़ा है
sherKuch Alfaaz
लगाता हूँ जब तो गैरों से दिल लगाता हूँ मैं नहीं लगाता तो अपनो को मुँह नहीं लगाता
sherKuch Alfaaz
किस को है परवाह यहाँ पे गाय की बस पड़ी है दूध की और चाय की
sherKuch Alfaaz
खिलौना चाहिए और कुछ लो दिल लो खेलती रहना
sherKuch Alfaaz
बस इतनी सी ख़्वाहिश है टेबल, कॉफ़ी, मैं और तुम
sherKuch Alfaaz
आँखों में देखने की मुझे ये सज़ा मिली नफ़रत से देखता है मेरा आइना मुझे
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