ज़िंदगी की सज़ा से बेहतर तो नेमत-ए-मौत ही मिली होती
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RAAHI
@the_scorpio_hardwin
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sherKuch Alfaaz
sherKuch Alfaaz
याद-दिलबर और मिसरे वक़्त के मोहताज तो नइं हम सुख़न-वर और आशिक़, इस घड़ी का क्या करेंगे
sherKuch Alfaaz
रात भर जागना सही नइँ है मौत अबकी तू ही सुला मुझ को
sherKuch Alfaaz
नाम मेरा शुरू है तेरे नाम के अंत से ये ख़ुदा का इशारा है हम दोनों के वास्ते
sherKuch Alfaaz
कौन बर्बाद है मेरे जैसा, दर्द भी ग़म-गुसार से ही मिले
sherKuch Alfaaz
आइना देख कर हुआ मालूम मौत से पहले मरना क्या होता
sherKuch Alfaaz
ये सुनो! रकी़ब मेरा ले रहा मज़ा सनम का ये अदा वो हम सेे ही सीख के तो गई थी यारों
sherKuch Alfaaz
ये कु़र्बानी हम ने उस के नाम लिखी है हसरत तो मेरी पूरे बाज़ार बिकी है
sherKuch Alfaaz
वार कोई मेरे पीछे से न कर दे डर यही तो ईद से लगता हमेशा
sherKuch Alfaaz
सुनो तुम आई थी क्या छत तरफ़ दिलबर मुहल्ले में सुना कल ईद होनी है
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