आज एक चाय के बहाने फिर उन के दीदार का मिला मौका
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किसी गली में किराए पे घर लिया उस ने फिर उस गली में घरों के किराए बढ़ने लगे
Umair Najmi
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इलाज अपना कराते फिर रहे हो जाने किस किस से मोहब्बत कर के देखो ना मोहब्बत क्यूँँ नहीं करते
Farhat Ehsaas
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चाय पीते हैं कहीं बैठ के दोनों भाई जा चुकी है ना तो बस छोड़ चल आ जाने दे
Ali Zaryoun
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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वादों से मुकर जाना तो फ़ितरत है तुम्हारी कुछ और नया खेल दिखाओ तो बने बात
Nityanand Vajpayee
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ख़ुदा-रा कौन सा ग़म टूट पड़ता गर चले आते बिला-शक आस्तीं में तुम लिए नश्तर चले आते
Nityanand Vajpayee
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यहाँ फेंका वहाँ फेंका वहाँ से फिर कहीं फेंका मुझे डर है कहीं मैं और भी ज़्यादा न उग जाऊँ
Nityanand Vajpayee
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उन को देखा तो मेरी माँ की मुझे याद आई वही झुर्री वही आँखें वही मरकत से चरण
Nityanand Vajpayee
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वाह रंगीं पलाश जैसे हैं आप के लब ये ख़ाश जैसे हैं जो इन्हें चूमना नहीं चाहें हैं न ज़िंदा वो लाश जैसे हैं
Nityanand Vajpayee
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