आज इक पुर सुकून महफ़िल में खल रही थी कमी उदासी की आज मेरी उदास आँखों से बह गई इक नदी उदासी की
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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ये क़ैफियत है कि जब मेरा यार आँख में है गुलों का रंग, फिज़ां की बहार आँख में है
Sumit Panchal
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लुत्फ़ ये वस्ल के हैं सारे लिए हिज्र कब हिज्र है हमारे लिए
Sumit Panchal
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वा किसी दम मैं अपने लब करता सामने उस के ऐसा कब करता ला दवा था मरज़ मेरा फिर मैं किस से चारागरी तलब करता
Sumit Panchal
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कह नहीं पा रहा कि क्या ग़म है लग रहा है कहीं पे कुछ कम है
Sumit Panchal
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दुश्मनी मोल ली है जो ख़ुद से मैं कभी दोस्त था मेरा शायद
Sumit Panchal
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