आज वो दूर जाने लगे यार वो याद आने लगे रूठ बैठी हमारी परी तो उसे हम मनाने लगे
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हज़ार इश्क़ करो लेकिन इतना ध्यान रहे कि तुम को पहली मोहब्बत की बद-दुआ न लगे
Abbas Tabish
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ज़रा ठहरो कि शब फीकी बहुत है तुम्हें घर जाने की जल्दी बहुत है ज़रा नज़दीक आ कर बैठ जाओ तुम्हारे शहर में सर्दी बहुत है
Zubair Ali Tabish
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हम को यारों ने याद भी न रखा 'जौन' यारों के यार थे हम तो
Jaun Elia
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है फिर सारे का सारा कैसे हो सकता है तुझ सेे जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होती तेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है
Jawwad Sheikh
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वो समझते हैं जिस को दिल मेरा उन की यादों की क़ब्रगाह है वो
Wasif Quazi
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सदियाँ हिज्र की देखी हैं आँखों ने इस सेे हसीं सजा अब और क्या होगी
Wasif Quazi
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ज़िंदा रखने को ख़्वाहिशें उन की दफ़्न सब अपनी हसरतें कर दीं
Wasif Quazi
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उन पे कुछ शे'र जब कहे मैं ने मेरी ग़ज़लों में जान तब आई
Wasif Quazi
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राब्ता नींद का रातों से सँवर जाएगा ख़्वाब उन का मेरी आँखों में उतर जाएगा
Wasif Quazi
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