सदियाँ हिज्र की देखी हैं आँखों ने इस सेे हसीं सजा अब और क्या होगी
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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मंज़िलें क्या हैं, रास्ता क्या है हौसला हो तो फ़ासला क्या है
Aalok Shrivastav
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वो समझते हैं जिस को दिल मेरा उन की यादों की क़ब्रगाह है वो
Wasif Quazi
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ज़िंदा रखने को ख़्वाहिशें उन की दफ़्न सब अपनी हसरतें कर दीं
Wasif Quazi
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उन पे कुछ शे'र जब कहे मैं ने मेरी ग़ज़लों में जान तब आई
Wasif Quazi
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ख़ुदा की इबादत में मशग़ूल हैं वो जो माँ बाप की फ़िक्र करते नहीं हैं
Wasif Quazi
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लहरें डूबो रही हैं मुसलसल ही कश्तियाँ क्या अपनी इंकिसारी समुंदर ने दी भुला
Wasif Quazi
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