आँखों की चौखट पड़ी है धूल मतलब वक़्त ने तोड़ा था पर बिखरा नहीं था
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तुम सेे मिल कर इतनी तो उम्मीद हुई है इस दुनिया में वक़्त बिताया जा सकता है
Manoj Azhar
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मैं जब सो जाऊँ इन आँखों पे अपने होंट रख देना यक़ीं आ जाएगा पलकों तले भी दिल धड़कता है
Bashir Badr
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सुब्ह-ए-मग़रूर को वो शाम भी कर देता है शोहरतें छीन के गुमनाम भी कर देता है वक़्त से आँख मिलाने की हिमाकत न करो वक़्त इंसान को नीलाम भी कर देता है
Nadeem Farrukh
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साल के आख़िरी दिन उस ने दिया वक़्त हमें अब तो ये साल कई साल नहीं गुज़रेगा
Shariq Kaifi
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तुम बड़े अच्छे वक़्त पर आए आज इक ज़ख़्म की ज़रूरत थी
Zubair Ali Tabish
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ज़ब्त मुझ में रहा नहीं अब वो इस लिए दूर दूर रहता हूँ
gaurav saklani
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राज़ खुलता है घर जलाने को घर कभी आग से नहीं जलता
gaurav saklani
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शे'र आमद ये हो रहे हैं जो हाथ अंसारी का है इस में सब
gaurav saklani
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मुझे तुझ में एक बशर नज़र आता था मुझे क्या मालूम किधर नज़र आता था
gaurav saklani
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मेरे अंदर भी कोई रहता है जो भी है बस ख़ुदा नहीं रहता
gaurav saklani
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