आँसुओं का यहाँ ये विरह आँख से हम यहाँ रोज़ आँसू हैं पीते रहे चंद वर्षों में इतने जनम हैं जिए रोज़ मरना पड़ा रोज़ जीते रहे
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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लोग सुन कर वाह-वाही करते हैं हर बार ही रोज़ ही रोता हूँ अब तो मैं किसी सुर-ताल में
nakul kumar
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ख़्बाब आँखों में बंद कर लेते बात गर दिल की चंद कर लेते आप भी हो ही जाते दीवाने गर किसी को पसंद कर लेते
Sandeep Thakur
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इक रोज़ खेल खेल में हम उस के हो गए और फिर तमाम उम्र किसी के नहीं हुए
Vipul Kumar
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जमाना समझता हमारा विरह है बिछड़ के अलग हम हुए ही नहीं हैं
Kavi Naman bharat
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तड़प बस हमें तो तुम्हारी रही है तुम्हारे सिवा हम किसे और चाहें
Kavi Naman bharat
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वचन आपने जो निभाया नहीं था, इरादा हमें क्यूँ जताया नहीं था तुम्हारे हृदय के भवन में बहुत हैं, हमें ये कभी क्यूँ बताया नहीं था
Kavi Naman bharat
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सभी सोचते थे हमारा विरह है बिछड़ के अलग हम हुए ही नहीं थे
Kavi Naman bharat
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राह उन सेे हमारी अलग यूँँ रही साथ चल कर कभी हम मिले ही नहीं
Kavi Naman bharat
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