आते हैं ज़िंदगी के सलीक़े उन्हें 'समर' आओ अदब से पेश बुजुर्गों के सामने
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जानता हूँ कि तुझे साथ तो रखते हैं कई पूछना था कि तेरा ध्यान भी रखता है कोई?
Umair Najmi
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मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
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बात करो रूठे यारों से सन्नाटों से डर जाते हैं प्यार अकेला जी लेता है दोस्त अकेले मर जाते हैं
Kumar Vishwas
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सैर कर दुनिया की ग़ाफ़िल ज़िंदगानी फिर कहाँ ज़िंदगी गर कुछ रही तो ये जवानी फिर कहाँ
Khwaja Meer Dard
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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ज़िंदगी मुझ को तिरी अब तो ज़रूरत ही नहीं उस की तस्वीर ही जीने के लिए काफ़ी है
salman khan "samar"
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सब के चेहरे धुँदले धुँदले लगते हैं मानो ये हँसती आँखें रो बैठी हैं
salman khan "samar"
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उस के क़रीब बैठ के ख़ामोश क्यूँँ रहा दिल चाहता था उस सेे ज़रा गुफ़्तगू करूँँ
salman khan "samar"
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तेरी तस्वीर ही जीने के लिए काफ़ी है इक मुलाक़ात मिरी तुझ सेे अभी बाक़ी है
salman khan "samar"
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राजा मंडी में कल झुमके बिक रहे थे झुमकों को देख मुझे तेरी याद आई
salman khan "samar"
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