अब कोई और लाएगा मेरे चश्में मुझ को बूढ़ा तुम्हारे साथ होना था
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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उस की ख़ामोशी ने रंग ले लिया है या'नी अब मैं ख़ून थूकने लगा हूँ
Intzar Akhtar
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ख़ुशी है कि मेरे दिल में ही रह रहे हो तुम सितम है कि तुम को ढूँढ़ते फिर रहे हैं हम
Intzar Akhtar
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हमें यक़ीन नहीं है यूँँ रोने-धोने में तुम्हारे बा'द ये दिल हम निकाल फेंकेंगे
Intzar Akhtar
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ये कह के उस की सहूलियत का ख़याल रक्खा है मैं ने ख़ुद ही अगर मैं पूछूँ कि बात हो सकती है हमारी तो कहना "ऊँ हूँ"
Intzar Akhtar
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कुछ मोहब्बत है और बाक़ी दर्द और दुनिया में रक्खा ही क्या है
Intzar Akhtar
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