ab na 'ghaalib' se shikayat hai na shikwa 'mir' ka ban gaya main bhi nishana rekhta ke tir ka
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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उस से मिले ज़माना हुआ लेकिन आज भी दिल से दुआ निकलती है ख़ुश हो जहाँ भी हो
Mohammad Alvi
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नया साल दीवार पर टाँग दे पुराने बरस का कैलेंडर गिरा
Mohammad Alvi
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परिंदे दूर फ़ज़ाओं में खो गए 'अल्वी' उजाड़ उजाड़ दरख़्तों पे आशियाने थे
Mohammad Alvi
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आग अपने ही लगा सकते हैं ग़ैर तो सिर्फ़ हवा देते हैं
Mohammad Alvi
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गुल-दान में गुलाब की कलियाँ महक उठीं कुर्सी ने उस को देख के आग़ोश वा किया
Mohammad Alvi
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