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ख़्वाबों को आँखों से मिन्हा करती है नींद हमेशा मुझ सेे धोखा करती है उस लड़की से बस अब इतना रिश्ता है मिल जाए तो बात वग़ैरा करती है

Tehzeeb Hafi

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हमेशा इक दूसरे के हक़ में दुआ करेंगे ये तय हुआ था मिलें या बिछड़ें मगर तुम्हीं से वफ़ा करेंगे ये तय हुआ था

Shabeena Adeeb

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चल गया होगा पता ये आप को बे-वफ़ा कहते हैं लड़के आप को इक ज़रा से हुस्न पर इतनी अकड़ तू समझती क्या है अपने आप को

Kushal Dauneria

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पागल कैसे हो जाते हैं देखो ऐसे हो जाते हैं

Ali Zaryoun

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ये किस ने बाग़ से उस शख़्स को बुला लिया है परिंद उड़ गए पेड़ों ने मुँह बना लिया है उसे पता था मैं छूने में वक़्त लेता हूँ सो उस ने वस्ल का दौरानिया बढ़ा लिया है

Tehzeeb Hafi

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