अक़्ल-ओ-दिल दो अजीब हम साए साथ हैं फिर भी साथ-साथ नहीं
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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भरोसा है बहुत मुझ को सभी पर कोई तो फिर से आए दिल दुखाए फ़ना होने को राहें और भी हैं मगर ये इंतिख़ाब-ए-इश्क़ हाए
Jaymin Joshi Mauj
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वो फ़क़त मुझ सेे इश्क़ करती है तुम को भी वह्म है, मुबारक हो
Jaymin Joshi Mauj
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मैं भी तन्हा, तुम भी तन्हा होंगे चलो तन्हाई बाँटी जाए फिर
Jaymin Joshi Mauj
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ख़मोशी लफ़्ज़ पर भारी नया तर्ज़-ए-बयाँ अपना पराए मुल्क में अब ढूँढ़ता हूँ, हम ज़बाँ अपना
Jaymin Joshi Mauj
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हर एक बात के मरकज़ में वो है सो हर एक बात दिल पर आ लगी हम को
Jaymin Joshi Mauj
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