बस तुम्हारा ही नज़ारा हर जगह हूँ देखता आँख है पलकों के पीछे या कहीं तुम हो छिपी
Related Sher
तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
1279 likes
बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
1244 likes
शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
839 likes
हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
979 likes
गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
263 likes
More from Divya 'Kumar Sahab'
तुम तो कहते थे कि मैं रोता नहीं हूँ कब से इतना मुस्कुराया जा रहा है
Divya 'Kumar Sahab'
0 likes
मन की मन में ही भुनाने में लगे हो हाथ में जो है निकलता जा रहा है
Divya 'Kumar Sahab'
0 likes
तूफ़ानों से डर लगता है कुछ रिश्तों से घर लगता है तूफ़ानों में अब घर मेरा अब रिश्तों से डर लगता है
Divya 'Kumar Sahab'
30 likes
राज़ है स्कूल की इस दोस्ती में कुछ न कुछ दोस्त वो जब जब मिला तो उम्र पंद्रह हो गई
Divya 'Kumar Sahab'
18 likes
हम जगत की इस तुला में तौलते हैं लोगों को सिर्फ़ इस दिल की तुला में, तौलते हम हैं तुझे
Divya 'Kumar Sahab'
33 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Divya 'Kumar Sahab'.
Similar Moods
More moods that pair well with Divya 'Kumar Sahab''s sher.







